Blogadda

Thursday, 16 October 2014

फ़ुर्सत

फ़ुर्सत में बैठेंगे तो दिल का हाल् सुनाएगे
ज़िंदगी में इतनी फ़ुर्सत ही कहाँ कि
साथ बैठे और दिल का हाल कहें

Friday, 10 October 2014

दिल का हाल कहें किससे

दिल का हाल कहें किससे
कौन ऐसा हैं जो रुक कर
मेरे दिल का हाल सुने
कोई सगी है ना कोई साथी है
दिल के अरमान दिल में ही लिए जाते हैं

Thursday, 31 July 2014

दूर तक

 दूर तक अंधेरे की चादर है
पथरीले रास्ते पे चलते हुए पैरों की आहट है
यह कौन है जो चीर कर अंधेरे को
मेरी ओर चला आता है
शायद वो कोई और नहीं
है बस मेरा हमनशीं

Monday, 3 February 2014

जब बागों मैं

जब बागों मैं फूल खिलते हैं
तब तरह तरह के रंग खिलते हैं
दिल में भर जाती है खुशी की लहर
आसमान पे भाँति भाँति के पक्षी चहकते है
चारों तरफ खुशी का महॉल छाया है
शायद इसी में प्यार पनपता है

Thursday, 12 September 2013

यह अरमान है

मेरे दिल का यह अरमान है
की कोई मेरा अपना होता
जो समझता मेरे दिल की आवाज़ को
मेरे लिए अपना औरों के लिए सितमगर होगा

Wednesday, 22 May 2013

दिल की

दिल की धड़कन को कौन सुनता है
कौन ऐसा है इस जहाँ मैं
जो दिल की आवाज़ को
सुन कर भी अनसुना कर जाता है
कोई बेदर्द ही होगा वो
जो ऐसा कर पाता है